अजीब लोग हैं, उन्नाव में सोने के लिए खोदाई हो रही है तो परेशान हैं और जब खोदाई नहीं हो रही थी, तब भी चिंता में घुले जा रहे थे। पहले कह रहे थे कि सरकार हजारों टन सोने की तरफ ध्यान ही नहीं दे रही है और अब कहते हैं यह महज अंधविश्वास को बढ़ावा देना है।
सोने के भंडार की खबर क्या चली, कोयला घोटाला, आसाराम सब पीछे छूट गए। लोगों की दिलचस्पी अगर किसी चीज में है तो सिर्फ सोने में। क्या सोना मिलेगा, यही प्रश्न अखबार के संपादक से लेकर सब्जी के दुकानदार तक के भेजे में घुसा पड़ा है। ज्यादातर लोग इस प्रश्न का सीधा जवाब देने के बजाय बीच के रास्ते पर चल रहे हैं। वे कहते हैं, ईश्वर चाहें तो कुछ भी संभव है। यानी की सोने का मिलना भी और ना मिलना भी।
सोना दिलोदिमाग पर छाया हुआ है। लोग टीवी पर सोने को चमकता देखना चाहते हैं और चाहते हैं कि अखबार के पहले पेज पर भरपूर सोना दिखाई दे। सपने में दिखा यह सोना लोगों की जागती आखों में सुनहले सपने सजा रहा है । फिर देश में कई शहरों में ऐसी खबरें आईं कि अमुक व्यक्ति को सपने में अमुक स्थान पर सोना दिखाई दिया। होड़ मच गई। कई लोगों ने तो छुट्टी लेकर भरपूर नींद लेने की कोशिश की, क्या पता उन्हें भी कहीं सोना दिखाई दे जाए।
वैसे भी इस देश का सोने से बड़ा गहरा और पुराना रिश्ता है। तभी तो यह सोने की चिडिय़ा कहा जाता था। कई लुटेरों ने तो सोना पाने के लिए ही बार-बार आक्रमण किया और लूटकर चलते बने। मनोज कुमार ने भी वर्षों पहले इस देश की विशेषता बताते समय कहा था कि यहां की धरती सोना उगलती है। अब लोग धरती के पेट में ऊंगली डालकर सोना उगलवाना चाहते हैं तो इसमें आश्चर्य क्या है?
यही सोचते-सोचते मैं बड़ी मुश्किल से सोया और एक भयानक सपना देखकर मेरी आंख खुल गई। मैंने देखा कि सोने की चमक बदलते-बदलते लोभ के काले रंग में बदल गई। हमारा चेहरा बदरंग होता जा रहा था और विवेक कहीं दूर खड़ा हंस रहा था।
सोने के भंडार की खबर क्या चली, कोयला घोटाला, आसाराम सब पीछे छूट गए। लोगों की दिलचस्पी अगर किसी चीज में है तो सिर्फ सोने में। क्या सोना मिलेगा, यही प्रश्न अखबार के संपादक से लेकर सब्जी के दुकानदार तक के भेजे में घुसा पड़ा है। ज्यादातर लोग इस प्रश्न का सीधा जवाब देने के बजाय बीच के रास्ते पर चल रहे हैं। वे कहते हैं, ईश्वर चाहें तो कुछ भी संभव है। यानी की सोने का मिलना भी और ना मिलना भी।
सोना दिलोदिमाग पर छाया हुआ है। लोग टीवी पर सोने को चमकता देखना चाहते हैं और चाहते हैं कि अखबार के पहले पेज पर भरपूर सोना दिखाई दे। सपने में दिखा यह सोना लोगों की जागती आखों में सुनहले सपने सजा रहा है । फिर देश में कई शहरों में ऐसी खबरें आईं कि अमुक व्यक्ति को सपने में अमुक स्थान पर सोना दिखाई दिया। होड़ मच गई। कई लोगों ने तो छुट्टी लेकर भरपूर नींद लेने की कोशिश की, क्या पता उन्हें भी कहीं सोना दिखाई दे जाए।
वैसे भी इस देश का सोने से बड़ा गहरा और पुराना रिश्ता है। तभी तो यह सोने की चिडिय़ा कहा जाता था। कई लुटेरों ने तो सोना पाने के लिए ही बार-बार आक्रमण किया और लूटकर चलते बने। मनोज कुमार ने भी वर्षों पहले इस देश की विशेषता बताते समय कहा था कि यहां की धरती सोना उगलती है। अब लोग धरती के पेट में ऊंगली डालकर सोना उगलवाना चाहते हैं तो इसमें आश्चर्य क्या है?
यही सोचते-सोचते मैं बड़ी मुश्किल से सोया और एक भयानक सपना देखकर मेरी आंख खुल गई। मैंने देखा कि सोने की चमक बदलते-बदलते लोभ के काले रंग में बदल गई। हमारा चेहरा बदरंग होता जा रहा था और विवेक कहीं दूर खड़ा हंस रहा था।